पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सियासी पिच पर सीएम योगी की हर बॉल पर छक्का मारने का दिया चैलेंज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के शुरुआत से ही मोहब्बत का महीना कहे जाने वाले फरवरी में यूपी में सियासी पारा चढ़ गया है।पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कानून,सुरक्षा व्यवस्था से लेकर विकास और रोजगार के मामले पर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।बातों ही बातों में सियासी पिच पर बल्लेबाजी करने उतरे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुकाबले के लिए क्रिकेट मैच खेलने की न सिर्फ चुनौती दी, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि वह योगी की हर बॉल पर छक्का मारेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने छह वर्षों में कोई नया स्टेडियम नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें शपथ लेनी हो तो भी वह सपा के बनाए स्टेडियम में जाते हैं, ओलंपिक खिलाड़ियों को सम्मान देने की बात हो तो भी वहीं जाते हैं।हाथ हिलाकर मैच देखने चले गए तो जनता को लगा कि स्टेडियम उनका ही बनाया है। उन्होंने आगे कहा कि वह (योगी) हमसे मैच खेलने आएं स्टेडियम में, मैं उनकी हर बॉल पर छक्का मारूंगा।वह यहीं नहीं रुके। उन्होंने बेरोजगारी से लेकर विकास और महिलाओं की सुरक्षा व कानून व्यवस्था के मामले में भी भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के इस अजीबोगरीब चैलेंज ने प्रदेश की सियासत में सरगर्मी पैदा कर दी है।

नेहा सिंह राठौर और कानपुर कांड पर अखिलेश यादव ने सरकार का किया घेराव

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने के सवाल पर कहा कि यह सरकार किसी को भी अपने खिलाफ बोलते नहीं सुन सकती। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में जाति देखकर अधिकारियों की पोस्टिंग की जाती हो और कानपुर में पुलिस-प्रशासन की आंखों के सामने एक मां-बेटी को जिंदा जला दिया जाता हो, उससे आप उम्मीद भी क्या कर सकते हैं।ये लोकगायिका को नोटिस देंगे। यही काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीरो टोलरेंस की बात करने वालों को अधिकारियों पर कार्रवाई करने से कौन रोक रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जिस प्रशासन के ऊपर कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी थी,वह कानपुर में बुलडोजर चलाकर भाग खड़ा हुआ। एक मां-बेटी को जिंदा जला दिया गया। उन्होंने कहा कि बुलडोजर के दिमाग नहीं होता, यह फैसला किसने लिया। कन्नौज में एक मुस्लिम से मंदिर में मांस रखवाया गया, जो कि भाजपा का ही कार्यकर्ता था।रायबरेली में दलित की पिटाई, जौनपुर में सभासद की गोली मारकर हत्या,क्या ये जीरो टोलरेंस है। उन्होंने जातिगत जनगणना पर कहा कि यूपी की जनता चाहती है कि इसे होना चाहिए तो सरकार को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।

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