रुदौली /अयोध्या :- जमीर अहमद



माह -ए -रमजान का 26 वा रोजा पूरा हो चुका है वहीं रोजा इफ्तार का सिलसिला भी लगभग समाप्त होने लगा है लेकिन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रमज़ान के पाक महीने में स्वयं सेवी संस्था जी. डी. इंडस्ट्रीज की तरफ से दावत ए इफ्तार का आयोजन हुआ। जहां पर देश की गंगा जमुनी तहज़ीब की झलक साफ नजर आई। मौका था स्वंयसेवी संस्था जी. डी. इंडस्ट्रीज के तत्वाधान में आयोजित रोज़ा इफ्तार पार्टी का जिसमें आज मोहल्ला घोसियाना स्तिथ इकरा मदरसे मे सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर देश में शांति सौहार्द व आपसी भाइचारे की कामना की व रोजा इफ्तार क़िया बाद इफ्तार मगरिब की नमाज भी अदा की गई जिसकी इमामत मौलाना असजद ने की । रुदौली के समाज सेवी तारिक शरबती ने बताया कि जी. डी. इंडस्ट्रीज के द्वारा पिछले कई वर्षों से रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जा रहा है।इस्लाम में एक माह के रोजे रखना मोमिन लोगो पर फर्ज है। मुस्लिमों के लिए गुनाहों से मुक्ति और रोजी की तरक्की के लिए यह बड़ा अजमत वाला महीना माना जाता है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। मौलाना रकीब ने बताया कि इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत ज्यादा करता है। यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है। इस महीने में रोजेदार को इफ्तार कराने वाले के गुनाह माफ हो जाते हैं। नबील अहमद ने बताया कि पैगम्बर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से आपके किसी सहाबी (साथी) ने पूछा- अगर हममें से किसी के पास इतनी गुंजाइश न हो तो क्या करें। तो हज़रात मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया कि एक खजूर या पानी से ही इफ्तार करा दिया जाए। यह महीना बरकत का महीना है। हलीमनगर निवासी शहाब अख्तर एडवोकेट ने कहा कि रमजान के ताल्लुक से हमें बेशुमार हदीसें मिलती हैं और हम पढ़ते और सुनते रहते हैं, लेकिन क्या हम इस पर अमल भी करते हैं। ईमानदारी के साथ हम अपना जायजा लें कि क्या वाकई हम लोग मोहताजों और नादार लोगों की वैसी ही मदद करते हैं जैसी करनी चाहिए। सिर्फ सदकए फित्र देकर हम यह समझते हैं कि हमने अपना हक अदा कर दिया है। जब अल्लाह की राह में देने की बात आती है तो हमें कंजूसी नहीं करना चाहिए। अल्लाह की राह में खर्च करना अफज़ल है। ग़रीब आदमी चाहे वह अन्य धर्म का क्यों न हो, उनकी मदद करने की शिक्षा दी गयी है। इस मौके पर शहाब अख्तर एडवोकेट, हाजी सुहैल अहमद, कमर अहमद, समाज सेवी तारिक शरबती,मोहम्मद इरफान, तुफैल अहमद,बाबा मुस्तकीम,कफील अहमद,मो. वैस उर्फ़ मुन्ना सभासद,हिदायत खां, अबू बकर पत्रकार,अनवार अहमद,मो. जाहिद,एजाज प्रधान हलीमनगर,मो. इब्राहिम,बबलू अंसारी,हाजी अशफाक,फुजेल अंसारी,डाक्टर उजेर, शीजान, मो.अमन, आदि सहित सैकड़ो लोग उपस्तिथ थे