दिल्ली साकेत कांड के विरोध में कानपुर डीएम को ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम; कार्रवाई नहीं हुई तो दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

महिला पत्रकारों से कथित बर्बरता पर गरजा आईरा प्रेस क्लब

दिल्ली साकेत कांड के विरोध में कानपुर डीएम को ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम; कार्रवाई नहीं हुई तो दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

कानपुर। दिल्ली के साकेत क्षेत्र में 4PM न्यूज़ नेटवर्क से जुड़ी महिला पत्रकारों के साथ कवरेज के दौरान कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पत्रकारों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में ऑल इंडियन रिपोर्ट्स एसोसिएशन (आईरा प्रेस क्लब), कानपुर नगर ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। संगठन ने शुक्रवार को कानपुर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन प्रक्रिया का नेतृत्व जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूरज वर्मा और जिला वरिष्ठ मंत्री तल्हा हाशमी ने किया। इस दौरान आईरा प्रेस क्लब ने साफ शब्दों में कहा कि पत्रकार चाहे महिला हो या पुरुष, उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘पत्रकार सवाल पूछेगा, डरकर नहीं बैठेगा’

मीडिया से बातचीत में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूरज वर्मा ने मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पत्रकारों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल किए, जिसके बाद उनके साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर बर्बर व्यवहार किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछना ही अपराध बन जाएगा तो लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता का क्या अर्थ रह जाएगा।

सूरज वर्मा ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई में कथित देरी पर भी सवाल खड़े किए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

आईरा प्रेस क्लब ने साफ कर दिया—अब चुप्पी नहीं

वहीं जिला वरिष्ठ मंत्री तल्हा हाशमी ने दो टूक कहा कि यह मामला किसी पत्रकार के महिला या पुरुष होने से आगे बढ़कर देश के चौथे स्तंभ पर कथित हमले का है।

उन्होंने कहा कि आईरा प्रेस क्लब 4PM न्यूज़ नेटवर्क की उन महिला पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, जिनके साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ। संगठन ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

तल्हा हाशमी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पत्रकारों के उत्पीड़न को लेकर आईरा प्रेस क्लब अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर धरना-प्रदर्शन भी करेगा।

15 दिन का अल्टीमेटम, फिर दिल्ली कूच की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के बाद तल्हा हाशमी ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से आश्वासन दिया गया है कि ज्ञापन को दिल्ली पुलिस तक पहुंचाया जाएगा और संगठन की मांगों से वहां के अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

आईरा प्रेस क्लब ने 15 दिन का समय देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में साकेत प्रकरण में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा और धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करेगा।

‘कार्रवाई होने तक नहीं थमेंगे’

आईरा प्रेस क्लब ने अपने रुख को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद गंभीर विषय है। संगठन का कहना है कि पत्रकारों को कवरेज के दौरान भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए और किसी भी कथित उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

आईरा प्रेस क्लब ने यह भी स्पष्ट किया कि वह 4PM की महिला पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय की मांग को लेकर आखिरी दम तक आवाज उठाता रहेगा।

संगठन का संदेश साफ है—पत्रकार पर कथित हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकार पर चोट है। कार्रवाई होगी तो स्वागत, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो आईरा प्रेस क्लब आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।

“पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा—कार्रवाई होने तक आईरा प्रेस क्लब की आवाज नहीं थमेगी।”

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