कानपुर
बैंक के ऊपर लगाये आरोप
सवादाता मनीष गुप्ता
कानपुर प्रेसक्लब में आज पंजाब नेशनल बैंक में स्थायीरूप से कार्यरत अनंत कुमार शुक्ला ने अपनी वार्ता के दौरान बताया कि 18 फरवरी 1984 को पीएनबी में स्थायी कर्मचारी था। उसके आश्रित पत्नी और तीन बेटियां जो सभी शादी योग्य हो गई हैं।
मुझे झूठे आरोप में बैंक ने 10 फरवरी को निलंबित कर दिया। मेरे आग्रह पर की मेरी इसमें कोई संलिप्तता नहीं है, बैंक ने 1फ़रवरी 2006को स्थाई ही रूप से ही सेवा प्रदान करते हुए सैफई जिला इटावा स्थान्तरित कर दिया। बैंक को भरोसा दिलाया कि न्यायालय का फैसला मुझे मान्य होगा। अतः बैंक मुझे निलम्बित समय का एक तिहाई भुगतान करने लगा।
9 अप्रैल 2019 को माननीय न्यायालय ने बाइज्जत बरी कर दिया। मुझे 10 अक्टूबर 2001 से 1 फरवरी 2006 तक का वेतन नहीं दिया गया। मेरे अनेकों आवेदन के बावजूद 14 दिसम्बर 2021 तक भुगतान नहीं किया गया है।
मेरा जीविकोपार्जन करना दुर्लभ हो गया है, आर्थिक स्थिति दयनीय हालत में है, हड्डियों के इलाज में 7 लाख का खर्च आया जिससे तीनों बच्चों पर क़र्ज़ हो गया।
मुझे बैंक ने षड्यंत्र करके 13 जुलाई , 2013 को सी आर एस कर दिया। मेरी बेटी 27 वर्ष की है, उसका विवाह कैसे हो पायेगा।
वार्ता में ओ पी बाजपेयी, एस के श्रीवास्तव, सुशील मिश्र, श्रीमती ममता शुक्ला आदि मौजूद रहे।











