






रुदौली/अयोध्या।संवाददाता अहमद जीलानी खान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाने, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव का अपमान करने व बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य में देरी और लापरवाही बरतने सहित तहसील दिवस पर विधायक की कुर्सी और नेमप्लेट हटवाने के गंभीर आरोपों से घिरे रुदौली के एसडीएम विकास धर ने अब आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है। एसडीएम विकास धर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा शोषित, वंचित, पीड़ित और सच के साथ खड़े रहने का काम किया है। मीडिया से फोन पर हुई बातचीत में एसडीएम विकास धर ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि वह इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने मांग की है कि उनकी जांच किसी दूसरी विधानसभा के विधायक और उच्च अधिकारियों से कराई जाए। एसडीएम ने जोर देकर कहा, अगर मैं दोषी पाया जाता हूँ, तो कड़ी कार्रवाई के लिए मैं पूरी तरह से तैयार हूँ। विकास धर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उनके ऊपर लगे आरोप जांच में निराधार साबित होते हैं, तो जो लोग उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, उनके ऊपर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा मैं हमेशा शोषित, वंचित, पीड़ित एवं सच के साथ खड़ा रहूँगा। गौरतलब है कि रुदौली विधायक रामचंद्र यादव की शिकायत पर शासन ने एसडीएम विकास धर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर नियम-3 और प्रोटोकॉल आदेशों के उल्लंघन का आरोप है। शासन ने उन्हें 7 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है, जिससे शासन की सख्ती साफ दिख रही है।











