फर्जी अधिवक्ता बनकर 1.42 लाख रुपये की ठगी का आरोप, पीड़ित ने आईरा प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर न्याय की लगाई गुहार!

कानपुर : दानिश खान

कानपुर। कर्नलगंज क्षेत्र निवासी फैसल अहमद पुत्र रजी अहमद ने खुद को अधिवक्ता और पत्रकार बताने वाले दंपती समेत तीन लोगों पर मुकदमे की पैरवी के नाम पर 1 लाख 42 हजार रुपये की कथित ठगी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने आईरा प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

कर्नलगंज थाना क्षेत्र निवासी फैसल अहमद ने आरोप लगाया कि उनकी बीवी द्वारा दर्ज कराए गए एक मुकदमे की पैरवी को लेकर वह परेशान चल रहे थे। इसी दौरान उनके रिश्तेदार मेरे मामू जहीर पुत्र मो. सईद ने उन्हें विश्वास में लेते हुए बताया कि उसकी रिश्तेदारी में जाजमऊ निवासी आरजू उर्फ आसिया और उसका पति अरबाज अधिवक्ता एवं पत्रकार हैं और वे मुकदमे में पूरी मदद कर सकते हैं।

पीड़ित के अनुसार 28 फरवरी 2026 को आरजू उर्फ आसिया और उसका पति अरबाज एक चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंचे। दोनों ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए मुकदमे से संबंधित दस्तावेज देखे और मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने मुकदमे की पैरवी, वकालतनामा तैयार कराने और कानूनी कार्रवाई के नाम पर अलग-अलग तिथियों में धनराशि मांगनी शुरू कर दी।

फैसल का आरोप है कि सबसे पहले 30 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल कराने, नोटिस जारी कराने तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देकर 50 हजार रुपये, फिर 30 हजार रुपये और बाद में 32 हजार रुपये लिए गए। इस तरह कुल 1 लाख 42 हजार रुपये उनसे वसूले गए।

पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने कई सादे कागजों और वकालतनामे जैसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए तथा लगातार यह भरोसा दिलाते रहे कि उनके पक्ष में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें किसी न्यायालयी कार्रवाई या मुकदमे की कोई जानकारी नहीं मिली।

शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्हें पता चला कि जिन लोगों ने स्वयं को अधिवक्ता और पत्रकार बताया था, वे वास्तव में अधिवक्ता नहीं हैं। इसके बाद जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगने का प्रयास किया तो कथित रूप से उन्हें टालमटोल किया गया और बाद में संपर्क भी कम कर दिया गया।

रजी अहमद ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके रिश्तेदार जहीर की भी भूमिका रही है, जिसने उन्हें आरोपियों से मिलवाया था। उनका दावा है कि तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से उन्हें विश्वास में लेकर ठगी की है। पीड़ित ने यह भी कहा कि उनके पास बातचीत की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सकता है।

पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरजू उर्फ आसिया, अरबाज और जहीर के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी एवं अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह धनराशि उन्होंने अपनी पुत्री के विवाह और पारिवारिक जरूरतों के लिए वर्षों की बचत से एकत्र की थी, जिसे आरोपियों ने कथित रूप से छलपूर्वक हड़प लिया।

प्रेसवार्ता के दौरान पीड़ित ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, पुलिस आयुक्त तथा अन्य सक्षम अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।

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