आईरा प्रेस क्लब में फूटा पीड़ित माँ का दर्द, बोलीं- शिकायतों के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय!

दानिश खान

कानपुर। कहते हैं कि मां अपने बच्चों के लिए हर कठिनाई सह लेती है, लेकिन जब वही बच्चे विवाद और पीड़ा का कारण बन जाएं तो एक मां के लिए उससे बड़ा दुख शायद कोई नहीं होता। कुछ ऐसी ही व्यथा लेकर टीपी नगर की अजीतगंज कॉलोनी निवासी साजिदा बेगम आईरा प्रेस क्लब पहुंचीं, जहां उन्होंने अपनी बेटी और दामाद द्वारा कथित उत्पीड़न, विभागीय उदासीनता और न्याय न मिलने की दर्दभरी कहानी पत्रकारों के सामने रखी।
आईरा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में साजिदा बेगम पत्नी स्वर्गीय मोहम्मद अशफाक ने बताया कि उनकी पुत्री खुशनुमा उर्फ मुस्कान ने जनवरी 2025 में अपनी इच्छा से बाबूपुरवा रेलवे कॉलोनी निवासी फरदीन खान उर्फ नुमान से विवाह किया था। एक मां होने के नाते उन्होंने बेटी के फैसले का विरोध नहीं किया, बल्कि शुरुआती दिनों में बेटी और दामाद को अपने घर में भी सहारा दिया। लेकिन समय बीतने के साथ रिश्तों में खटास बढ़ती चली गई। पूरे घर पर कब्जा कर लिया और हम और हमारी बेटी बेटा अपने रिश्तेदारों से पनाह ले रहे हैं
साजिदा बेगम का आरोप है कि जब उन्होंने बेटी और दामाद से अपने वैवाहिक जीवन को व्यवस्थित करते हुए अलग रहने के लिए कहा तो विवाद शुरू हो गया। उनके मुताबिक इसके बाद दोनों ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मामला झगड़े, धमकियों और उत्पीड़न तक पहुंच गया। पीड़िता का आरोप है कि मकान पर कब्जा करने की नीयत से लगातार उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार 22/5/26 को मै अपने पुत्र मुन्ना के साथ घर गई तो खुशनुमा ने ऊपर से तेजाब फेंकते हुए कहा कि घर की तरफ देखा तो ठीक नहीं होगा अब ये घर मेरा हो गया है । झूठे मुकदमे में फ़साने की भी धमकी देते हुए कहा अभी एक  मुकदमे में फसाया और मुकदमे में भी फंसा देंगे ।
प्रेस वार्ता के दौरान साजिदा बेगम कई बार भावुक भी हुईं। उन्होंने कहा कि जिस बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया, आज उसी से जुड़े विवाद के कारण उन्हें पुलिस, बिजली विभाग और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है।
साजिदा बेगम ने बताया कि 30 मई 2025 को उनकी दूसरी पुत्री रोशनी के साथ मारपीट और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। इस मामले में बाबूपुरवा थाने में मुकदमा संख्या 220/2025, धारा 352, 351(3) और 109 बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। उनका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उनके हौसले और बढ़ गए।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अब उन्हें परेशान करने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके नाम पर संचालित विद्युत कनेक्शन संख्या 4570500000 से कथित रूप से उनकी पुत्री खुशनुमा उर्फ मुस्कान और दामाद फरदीन खान द्वारा बिना अनुमति अवैध बिजली लाइन जोड़ ली गई है। इसके चलते उनके बिजली बिल में लगातार वृद्धि हो रही है। इस संबंध में उन्होंने केस्को अधिकारियों, अधीक्षण अभियंता और जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
उन्होंने विभागीय जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद निष्पक्ष जांच नहीं की गई और बिना वास्तविक समाधान के मामले का निस्तारण कर दिया गया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है।
साजिदा बेगम ने कहा कि शिकायतें करने के बाद भी उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। भय और असुरक्षा के माहौल में परिवार का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, अवैध विद्युत कनेक्शन हटाने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपनी लड़ाई को शासन स्तर तक ले जाएंगी। उनकी आंखों में दर्द साफ झलक रहा था। एक मां की यही शिकायत थी कि यदि समय रहते जिम्मेदार विभाग कार्रवाई कर देते तो शायद आज उन्हें अपने ही बच्चों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाने के लिए प्रेस क्लब का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ता।
प्रेस वार्ता के अंत में साजिदा बेगम ने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह शासन और उच्च अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होंगी। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की।

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