कानपुर नगर : महापौर प्रमिला पांडेय द्वारा चलाया जा रहा समाधान शिविर सिर्फ शहरवासियों के लिए औपचारिकता निभाई जा रही है। शिविर में महापौर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनने और मौके पर फिर एकबार निस्तारण जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान छपेड़ा पुलिया, काकादेव क्षेत्र में फुटपाथों पर अवैध अतिक्रमण, भरे नाले-नालियों और चारों ओर फैली गंदगी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि निरीक्षण और निर्देशों के बावजूद ज़मीनी हालात जस के तस बने हुए हैं। सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।
उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था केवल कागज़ों और अखबारों तक सीमित है, जबकि मोहल्लों में गंदगी, जलभराव और अव्यवस्था लगातार बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के बजाय सफाई कर्मचारियों पर दबाव, हाज़िरी कटौती,डर और कथित शोषण का भी माहौल है।
जनता के अनुसार जब सफाई कर्मचारियों की हाज़िरी काटने,अनावश्यक दबाव बनाए रखना और व्यवस्था को भय के सहारे चलाया जायेगा, तो सिस्टम में सुधारीकरण लापता ही रहेगा, तो वहीं क्षेत्रों में प्रभावी सफाई की उम्मीद करना मुश्किल ही है।
नागरिकों ने सवाल उठाया कि यदि निरीक्षणों के बाद भी गंदगी कहीं भी कम नहीं हो रही,जनता के अनुसार केवल फोटो खिंचवाकर और अखबारों में खबरें प्रकाशित करवाकर व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि जवाबदेही तय करने और धरातल पर थोड़ी बहुत ईमानदारी से काम करने की आवश्यकता है।
स्वच्छ शहर” का दावा केवल प्रचार प्रसार तक सीमित है, धरातल पर कहीं कोई कार्य नहीं
2026-07-26











