भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर हमला करने वाले निकले बड़े हिस्ट्रीशीटर,हत्या करने का था मकसद।

सहारनपुर।भीम आर्मी चीफ आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर बीते बुधवार को जानलेवा हमला हुआ था।चन्द्रशेखर की गाड़ी पर चार राउंड फायरिंग हुई थी।इस हमले में चंद्रशेखर बाल-बाल बच गए थे।गोली उनकी कमर को छूकर निकल गई थी।चंद्रशेखर पर हुए हमले का सहारनपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध तमंचा भी बरामद किया हैं।पुलिस पूछताछ में चारों ने चंद्रशेखर को जान से मारने की नियत से हमला करने की बात कबूल की है।पकड़े गए चारों अपराधियों में तीन का आपराधिक इतिहास है।डीजीपी ने खुलासा करने वाली टीम को पचास हज़ार रुपए इनाम देने की घोषणा है।

चंद्रशेखर के बयानों से नाराज थे हमलावर।

रविवार को सहारनपुर पुलिस लाइन में डीआईजी रेंज सहारनपुर अजय साहनी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि चंद्रशेखर पर हमले के चार आरोपियों में देवबंद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रणखंड़ी निवासी विकास, लविश, प्रशांत और हरियाणा के करनाल जिला स्थित कोंधर गांव का विकास सिंह है।पुलिस पूछताछ में चारों ने बताया कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद के दिए गए बयानों से यह लोग नाराज थे,जिसके बाद इन्होंने चंद्रशेखर को मारने का प्लान बनाया था।

मुजफ्फरनगर टोल से शुरू किया पीछा, देवबंद में की फायरिंग।

डीआईजी रेंज सहारनपुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 28 तारीख को विकास की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी से यह चारों लोग मेरठ से लौट रहे थे। मुजफ्फरनगर टोल प्लाजा से चंद्रशेखर की गाड़ियों का काफिला गुजर रहा था,जिसके बाद इन्होंने हमला करने की ठान ली। देवबंद में जब स्पीड ब्रेकर पर चंद्रशेखर की गाड़ी की स्पीड कम हुई तो वहीं पर इन्होंने 3 राउंड फायरिंग की। फायरिंग कर यह लोग वहां से भाग गए। रास्ते में देवबंद के मिरगपुर गांव के पास इनकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया,जिसके बाद यह चारों आरोपी कुछ देर तक खेतों में छुपे रहे और उसके बाद वहां से हरियाणा भाग गए। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर पर फायरिंग गाड़ी में पीछे बैठे दो लड़कों ने की थी। कुल तीन राउंड फायरिंग की गई थी। फायरिंग 315 बोर के तमंचे से की गई थी। हमलावरों से कुल दो तमंचे बरामद किए गए हैं।

बड़े हिस्ट्रीशीटर हैं हमलावर।

इसके बाद शनिवार को पुलिस को जानकारी मिली कि यह चारों अपराधी अंबाला कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे हैं।देवबंद पुलिस ने हरियाणा की लोकल एसटीएफ के साथ इन चारों को सरेंडर करने से पहले ही पकड़ लिया। पकड़े गए 4 आरोपियों में से देवबंद के रणखंडी के रहने वाले लविश, विक्की उर्फ विकास और प्रशांत का अपराधिक इतिहास है। इन तीनों पर लूट और जानलेवा हमले के कई मामले चल रहे हैं। लविश का चाचा जेल में बंद है।लविश जेलर पर जानलेवा हमले के आरोप में जेल भी जा चुका है और 15 दिन पहले ही जेल से छूट कर आया है।चौथा आरोपी विकास टैक्सी चलाता है। हमले में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार विकास की है।हमला करने वाले चारों आरोपी ठाकुर हैं।

भीम आर्मी चीफ पर हुआ था जानलेवा हमला।

बता दें कि 28 जून को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण के ऊपर देवबंद में जानलेवा हमला किया गया था। चंद्रशेखर वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। फायरिंग में उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी के शीशे टूट गए थे जबकि एक गोली चंद्रशेखर की पीठ को छूकर निकल गई थी। देवबंद में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सहारनपुर के ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *