वरदात के बाद अटल घाट चला गया था सुशील
- डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती ने मौके पर जाकर निकलवाया शव -सीसीटीवी में अटल घाट जाकर लौटता नहीं दिख रहा था -पुलिस हर जगह के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में लगी थी
-फुटेज में दिखने के बाद बढ़ाई गई थी गंगा की मानीटरिंग
-डीसीपी वेस्ट की पांच टीमें कर रही थी हर पहलू पर जांच -आधार कार्ड, डीएल, कार की चाभी व मोबाइल हुआ बरामद
कानपुर। डिविनिटी अपार्टमेंट में बीते तीन दिसंबर को हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य हत्यारोपित डा. सुशील काशनांचे दिन रविवार को सिद्धनाथ घाट पर बरामद हुआ। डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती द्वारा बनाई गई पापों टीमें लगातार डाक्टर की खोज में लगी थी। डाक्टर के शब की तलाशी में उसका आधारकार्ड, डीएल, कार की चाभी व मोबाइल भी बरामद हो गया है। अटल घाट पर डाक्टर के सीसीटीवी में दिखने के बाद से टीमें लगातार फतेहपुर जनपद तक नजरें बनाए हुए थी रविवार की सुबह होते ही एक बार फिर पुलिस व गोताखोरों ने गंगा में चेकिंग शुरू की तो सिद्धनाथ घाट के
पास नदी की बीच धारा में पुलिस को एक शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने मोटरबोट से जब पास
जाकर देखा तो वह डाक्टर सुशील का निकला। कई दिनों से पानी में पढ़े होने के कारण काफ़ी
खराब हो चुका था। खोज में लगी पुलिस टीमों की सूचना पर डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती भी मौके पर
पहुंचे और शव को निकलवाकर बाहर लाए
जामा तलाशी में डाक्टर का मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस डीएल कार व फ्लैट की पाभी व मोबाइल फोन भी बरामद हो गया है पुलिस शव की और अधिक पुष्टि के लिए उसका DNA test भी करायेगी। पुलिस मामले में विधिक कार्यवाही कर रही है।
अंतिम बार अटल घाट पर दिखा था
अब तक पुलिस जिस अनुमान पर काम कर रही थी वह सही निकला घटना के बाद डॉक्टर अंतिम बार सीसीटीवी में अटल घाट पर दिखाई दिया था। पुलिस ने जब अटल घाट के फुटेज चेक किये तो वह घाट पर जाता तो दिख रहा है लेकिन घाट से वापस आने का कोई वीडियो नहीं मिला था। वह कई बार नदी के ●●पास जाता और लौटता दिख रहा था। तब से पुलिस का उसके गंगा नदी में कूदने का अंदेशा था तभी से डीसीपी वेस्ट बीबीजीटीएस मूर्ती ने अपनी टीमों को तलासी और तेज करने के लिये लगाया था।यह थी घटना
घटनाक्रम के मुताबिक थाना कल्याणपुर स्थित डिविनिटी अपार्टमेंट में शुक्रवार तीन दिसंबर को घटित घटना मे डॉ सुशील कुमार की पत्नी चन्द्रप्रभा (48) पुत्र शिखर सिंह (18) व. पुत्री खुशी सिंह16) की हत्या हुई थी। जिसमें डॉ सुशील कुमार द्वारा लिखे गए तीनों की हत्या के कुबूलनामे के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके साथ ही पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस को अभी तक घटनास्थल से एक डायरी में लिखा नोट मिला है जिसमें डॉ सुशील कुमार द्वारा परिवार की हत्या व अन्य बाते लिखी है। परिवार के अनुसार डॉ सुशील कुछ समय से डिप्रेशन में थे। घटना के बाद से गायब चल रहे आरोपित डॉ सुशील कुमार तलाश की जा रही थी।











