प्रा.विद्यालय नौढ़िया में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान,कार्यवाही शून्य

राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों को बचा रहे सक्षम अधिकारी

संवाददाता : अजय पांडे प्रयागराज

लालापुर प्रयागराज : क्षेत्र के नौढ़िया  गांव में 15 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय नौढ़िया तरहार में प्रधानाध्यापिका कौशर फातिमा एवं विद्यालय स्टाफ द्वारा प्रधान पति को मुख्य अतिथि बनाकर शौचालय के ऊपर देश के आन बान शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। जिसका वीडियो फोटो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ। देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान करने वाले अध्यापकों को शिक्षा विभाग के अधिकारी बचाने में लगे हुए हैं। अगर देश की आन बान शान तिरंगा का अपमान करने वाले अध्यापकों की तरफदारी अधिकारी करते हैं और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है तो अभिवावकों का कहना है कि हम सब अपने बच्चों को नौढ़िया प्राथमिक विद्यालय से निकाल कर किसी अन्यत्र जगह के विद्यालय पर पढ़ायेगे ऐसे विद्यालय में अपने बच्चों का भविष्य अंधकार में नहीं डालेंगे।‌ जिन लोगों को ये नहीं पता है कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कहां फहराया जाता है वह अध्यापक बच्चों को क्या शिक्षा देगा‌। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापिका कौशर फातिमा एवं प्रधान पति जो अपने बचाव के लिये स्पष्टीकरण दिये है वह निराधार है । नौढ़िया गांव के ग्रामीणों का कहना है कि हमारे सबके सामने शौचालय के छत के ऊपर ध्वजारोहण किया गया है। जब सोशल मीडिया लगातार खबर वायरल होने लगी तो काफी देर बाद झंड़े को उतार दूसरे जगह पर लगा करके फोटो विभाग को भेजा गया। तिरंगा को दिन भर में एक ही बार ध्वजारोहण किया जाता सकता है बार बार नहीं। शौचालय पर तिरंगा ध्वजारोहण करने के बाद प्रधान पति व अन्य लोगों को वहीं पर फूल मालाओं से सम्मानित किया गया जिसका भी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल थी उस फोटो को जिलाधिकारी प्रयागराज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ग्रामीणों द्वारा भेजी गयी थी। जहां  पर पहले शौचालय के ऊपर ध्वजारोहण फहराया गया था उस समय अध्यापकों की संख्या दो तिहाई थी। लेकिन जब बाद में ध्वजारोहण किया गया तो उस समय बच्चों की संख्या बहुत कम थी। ध्वजारोहण करते समय प्रधान पति सहित मात्र तीन लोगों की संख्या है। अगर उसी समय अन्य स्थान पर ध्वजारोहण हुआ है तो और अध्यापक वा सारे बच्चे कहां चले गये। ग्रामीणों के इतना साक्ष्य देने के बाद भी तिरंगा का अपमान करने वाले दोषी अध्यापकों को बचाने में शिक्षा विभाग के सम्बंधित अधिकारी क्यों संलिप्त हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दोषी अध्यापकों को अधिकारी क्यों बचाने में लगे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ दाल में काला है इसलिये शिक्षा के अधिकारी दोषी अध्यापकों को बचाने में एकदम पूर्व रूपेण संलिप्त हैं, 15 अगस्त को कई समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि 19 अगस्त को एक दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से खण्डन किया गया वह सरासर गलत एवं निन्दनीय है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चन्द्र पैसों के चक्कर में अपनी कलम की ताकत को तार तार कर दिये है। गांव के लोगों का कहना है कि पहली बार शौचालय पर ही ध्वजारोहण किया गया है फिर से दूसरी बार कहां किये है ये विभाग व विद्यालय का स्टाफ जाने। तिरंगा का अपमान करने वाले को क्षम्य नहीं करना चाहिये अगर दोषी कर्मचारी को दण्ड नहीं दिया जाता है तो लोगों का विश्वास शिक्षा विभाग के अधिकारियों से टूट जायेगा। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि वह आज तक दोषियों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *