
कानपुर नगर – देवा निषाद
सर्व विदित है कि वर्ष 1997 मे बहुजन समाज के नेतृत्व में गठित सरकार के सौजन्य से कानपुर महानगर के कल्याणपुर इंदिरा नगर क्षेत्र में दुनिया को इंसानियत और मानवता का पैगाम देने वाले प्रातः स्मरणीय तथागत बुद्ध जी के अमर संदेशों से सुसज्जित विशाल भू भाग में स्थापित बहुजन समाज की अमूल्य धरोहर बुद्धा पार्क का निर्माण हुआ था। जहां तथागत बुद्ध के अनुयाई पहुंचकर विशाल मूर्तियों और तथागत बुद्ध के अमर संदेशों को आत्मसात कर मंत्र मुक्त हो जाते हैं।
ऐसी बहुजनों की अमूल्य धरोहर और आस्था के केंद्र को एक साजिश के तहत उक्त विशाल बुद्धा पार्क को शिवालय में बदलने की नीयत से वहां शिवलिंग ज्योतिर्लिंग आदि की स्थापना कर स्वरूप बदलने की नीयत से नवनिर्माण की योजना प्रशासन द्वारा बनाई गई थी। जिसका बुद्ध के समस्त अनुवाई एवं बहुजन समाज के लोग पुरजोर विरोध करते रहे हैं। विरोध की कड़ी में ही 3 सितंबर 2025 को एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन कर उपाध्यक्ष महोदय कानपुर विकास प्राधिकरण एवं नगर आयुक्त महोदय को विधि सम्यक ज्ञापन देने का कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया था। एकजुट बहुजन समाज के आस्था के केंद्र बुद्धा पार्क में किसी भी प्रकार के नव निर्माण न किए जाने के लिए प्रशासन द्वारा निर्णय लिए जाने का बहुजन समाज के लोगों ने स्वागत और अभिनंदन किया।
महर्षि वाल्मीकि उपवन मोतीझील कानपुर में प्रातः 10:00 बजे भारतीय बौद्ध महासभा के नेतृत्व में भारी संख्या में विभिन्न अंबेडकरवादी संगठनों के लोग उपस्थित हुए और प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत किया।
कार्यक्रम में एकत्रित हुए लोगों ने शासन शासन से मांग किया है, कि जहां कहीं भी बहुजन समाज के आस्था के केंद्र स्थापित हैं उस पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आस्था के केंद्रों की रक्षा सुरक्षा करने का दायित्व शासन प्रशासन का है।











