कानपुर : अंशु कुमार
कानपुर, 18 फरवरी 2026: पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले एक शातिर ठग को अनवरगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी न सिर्फ नौकरी के नाम पर ठगी करता था, बल्कि खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से वसूली भी करता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान संजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। उसे कल्याणी रोड स्थित कूड़ा घर के पास संदिग्ध हालत में घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पुलिस की पूरी वर्दी पहन रखी थी, जिसमें बेल्ट, जूते और पी-कैप शामिल थे। उसकी कार पर सरकारी वाहनों जैसा फर्जी नंबर प्लेट भी लगा हुआ था, ताकि वह आसानी से लोगों को अपने झांसे में ले सके।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने ठगी के लिए एक पूरा तंत्र खड़ा कर रखा था। वह अपने साथियों दुर्गेश सविता और विजय चौहान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देता था। इनका तरीका बेहद शातिराना था:
· लखनऊ में स्कूल और होटल किराए पर लेकर नकली परीक्षा और इंटरव्यू तक करवाता था।
· पैसे लेने के बाद परिणाम आने में देरी का बहाना बनाकर पीड़ितों को डराता और धमकाता था।
· कई बार पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से सीधे वसूली की घटनाओं को भी अंजाम दिया।
कानपुर के डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के कब्जे से फर्जी पुलिस आईडी कार्ड, वर्दी, एक लाइटर पिस्टल, कारतूस और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। “आरोपी के कब्जे से फर्जी पुलिस आईडी, वर्दी, लाइटर पिस्टल, कारतूस और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह गैंग लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करता था। दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।” अतुल श्रीवास्तव, डीसीपी सेंट्रल कानपुर।
“आरोपी के कब्जे से फर्जी पुलिस आईडी, वर्दी, लाइटर पिस्टल, कारतूस और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह गैंग लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करता था। दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।” अतुल श्रीवास्तव, डीसीपी सेंट्रल कानपुर।











