कानपुर महाराजपुर – संजय सिंह –
मां की हत्या और पिता की मौत के बाद दादा-दादी के सहारे हैं चारों भाई-बहन; बड़े बेटे विनीत की बात सुनकर नम हो गईं सभी की आंखें
कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के भेवली गांव में अप्रैल माह में हुई दर्दनाक घटना के बाद अनाथ हुए चार बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होगी। माता-पिता की मौत के बाद चारों बच्चे अपने दादा रामआसरे और दादी दुल्ली के साथ रह रहे हैं। सरकार ने बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। साथ ही दादा-दादी की पेंशन भी सुनिश्चित की गई है।
परिवार में सबसे बड़ा बेटा विनीत 18 वर्ष का है। उसके बाद राधा 16 वर्ष, निधि 13 वर्ष और मनीष 10 वर्ष हैं। माता-पिता के निधन के बाद चारों बच्चों की जिम्मेदारी बुजुर्ग दादा-दादी के कंधों पर आ गई है। ऐसे में सरकारी योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
ब्लॉक प्रमुख ने खाद्य सामग्री और नकद राशि देकर की मदद
सरसौल ब्लॉक प्रमुख डॉ. विजय रत्ना तोमर और प्रधान संघ अध्यक्ष रोहित सिंह तोमर ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को खाद्य सामग्री, खेल सामग्री और नकद धनराशि देकर सहयोग किया। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है, उनके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ब्लॉक स्तर से भी परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में हर संभव मदद की जाएगी।
‘मैं पढ़ाई करूंगा तो छोटे भाई-बहनों का ध्यान कौन रखेगा’
मुलाकात के दौरान सबसे बड़े बेटे विनीत ने भावुक होकर कहा, “अगर मैं पढ़ाई करूंगा तो छोटे भाई-बहनों का ध्यान कौन रखेगा?” विनीत की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चों की स्थिति को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
घरेलू विवाद में मां की हत्या, पिता ने भी दी जान
गौरतलब है कि भेवली गांव निवासी किसान हरिपाल (40) ने घरेलू विवाद के चलते 7 अप्रैल 2026 को अपनी पत्नी रामदेवी (38) की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था। इसके बाद 10 अप्रैल को हरिपाल ने गांव से दूर एक खाली पड़े ट्यूबवेल की कोठरी में फंदा लगाकर जान दे दी। पति-पत्नी दोनों की मौत के बाद उनके चारों बच्चे अनाथ हो गए।
इस दौरान एडीओ पंचायत अशोक सचान, अजय प्रताप सिंह, अतुल सिंह, सोमेंद्र प्रताप सिंह, अखिलेश अवस्थी, भानू यादव, शिवम गौड़, मुकीम खान सहित ग्रामीण मौजूद रहे।











